रिलेशनशिप (Love)-ब्रेकअप के दर्द से उबरने के 12 अचूक उपाय

How to overcome relationship breakup
दोस्तों प्यार का एहसास किसी जन्नत को पाने से कम नहीं होता होता है, जीवन में कम से कम एक बार हर इंसान इस प्यार नाम की अद्भुत चिड़िया को जरूर पाना चाहता है। कुछ किस्मत वालों को अपना मनचाहा प्यार और जीवन साथी मिल भी जाता है लेकिन हर इंसान किस्मत का धनी नहीं होता परंतु फिर भी वह उम्र भर प्यार की तलाश करता रहता है। 
दोस्तों ऐसा हो भी क्यों न कुदरत ने हम सबको कुछ ऐसा ही बनाया है। हर इंसान ही नहीं अपितु धरती का हर जीव प्रेम का भूखा है। 
 
दोस्तों अक्सर ऐसा होते हुए हम सब ने देखा है की ऐसे बहुत से कम लोग होते हैं जिनका प्यार जीवन में सफल हो पाता है। इतिहास गवाह है कि प्यार पाने के लिए लोगों ने क्या-क्या जतन नहीं किए लेकिन फिर भी कई बार यह देखा गया कि उनका प्यार अधूरा ही रह गया।
 
दोस्तों क्या करें प्यार की किस्मत ही कुछ ऐसी है हर इंसान सच्चा प्यार तो ढूंढता है लेकिन सच्चे प्यार को स्वीकार नहीं कर पाता है। किसी इंसान से सच्चा प्यार करना और जीवन भर निभाना आग के दरिया में डूब कर पार जाने से कम नहीं है। वास्तव में यह एक तपस्या की तरह है
 
दोस्तों प्यार में जात-पात और अमीरी-गरीबी का कोई बंधन मायने नहीं रखता किंतु समाज की व्यवस्था के अनुसार इसे आज भी पूर्ण मान्यता नहीं दी जा सकी है।
 
रिलेशनशिप ब्रेकअप के दर्द से उबरने के 12 अचूक मंत्र
ऐसे हजारों कारण हो सकते हैं जिसकी वजह से बहुत सारे लोगों का प्यार जीवन में अधूरा ही रह जाता है। जब किसी इंसान का दिल टूटता है तो उसके जीवन में दर्द और तन्हाई के अलावा कुछ शेष नहीं बचता है। वो कहते हैं न दोस्तों, कि शीशा टूटता है तो आवाज आती है लेकिन अगर जब दिल टूटता है तो आवाज नहीं आती।  किंतु दोस्तों यदि गंभीरता से सोचा जाए तो दुनिया में बहुत से गम है इस प्यार के अलावा।
 
दोस्तों यदि आप भी कुछ ऐसे ही भावनात्मक समस्याओं से जूझ रहे हैं तो इन गमों की अंधेरी रातों से बाहर निकलने के लिए आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से आपको कुछ उपाय बताएंगे जो आपके लिए बहुत ही उपयोगी साबित होंगे।
आइए जानते हैं बिंदुवार क्रम से-
 
  • खुद को दोष देना बंद करें
जी हां दोस्तों अक्सर यह देखा गया है कि प्यार में धोखा खाया हुआ इंसान खुद को ही हद से ज्यादा दोष देने लगता है और कई बार तो यह भी देखा गया है कि वह अपने आप को कई प्रकार से यातना भी देता है। ऐसा करने से वह चिंता व अवसाद के भंवर में और भी ज्यादा फंसता जाता है।
रिलेशनशिप ब्रेकअप के अनेकों कारण हो सकते हैं कई बार तो गलती ना आपकी होती है और ना ही सामने वाले की बस उस वक्त मैं आप के हालात या यूं कह लीजिए कि आपका समय सही नहीं चल रहा था। जिसकी वजह से आपको यह दिन देखने पड़े। 
उपरोक्त बात से तात्पर्य निकलता है की जिसको जाना था वह तो अब जा ही चुका है उसके लिए अपना आने वाला कल क्यों बर्बाद किया जाए।
 
  • अकेले रहना छोड़ दें
जी हां दोस्तों प्यार में धोखा खाया हुआ इंसान अपने आप को समाज से दुनिया से बहुत अलग कर लेना चाहता है। ऐसे व्यक्ति किसी से बात करना बिल्कुल नहीं पसंद करते हैं वह घर के किसी कोने में ही अलग-थलग पड़े रहते हैं। जिसकी वजह से कोई भी व्यक्ति उस इंसान की मदद नहीं कर पाता है।
जब आप इस मानसिक पीड़ा के दौर से गुजर रहे हो तो आपको चाहिए कि आप अपना अधिक से अधिक समय अपने घर परिवार और दोस्तों के साथ बिताएं तथा उन्हें अपने सुख दुख से अवश्य अवगत कराएं।
 
  • कोई एक अच्छी आदत की शुरुआत करें
जी हां दोस्तों चिंता अवसाद के कष्ट से मुक्ति पाने के लिए आप कोई अच्छी आदत जैसे कि किताबें पढ़ना फिल्में देखना कोई वाद्ययंत्र बजाना चित्रकारी करना बच्चों को पढ़ाना आदि शुरू कर सकते हैं। ऐसा करने से आपके स्ट्रेस लेवल में अत्यधिक कमी आती है और धीरे-धीरे आप अपने गमों को भूल कर एक बार फिर से नया जीवन जीने लगते हैं।
 
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  • एक पालतू जानवर साथ रखना
जी हां दोस्तों एक रिसर्च में यह पाया गया है कि जो भी व्यक्ति चिंता अवसाद या इसी प्रकार की मानसिक पीड़ा से गुजर रहा है यदि वह व्यक्ति अपने साथ कोई पसंदीदा पालतू जानवर रखता है तो उसके स्ट्रेस लेवल में बहुत कमी आती है। पालतू जानवरों के रूप में कुत्ता बिल्ली खरगोश या कोई पक्षी तोता आदि हो सकते हैं।
 
  • परमात्मा का स्मरण पूजन आदि करें
दोस्तों जब हमारा मन दुनिया से निराश हो जाता है तो उसका आखरी सहारा परमात्मा/ ईश्वर ही होता है। एक सर्वे में यह भी पाया गया है जो व्यक्ति ईश्वर वादी होते हैं उनमें दुखों व कष्टों से उबरने की इच्छाशक्ति अधिक होती है। यदि आप मंदिर मस्जिद चर्च या ऐसे ही किसी अन्य प्रार्थना गृह पर जाते हैं और अपना समय वहां व्यतीत करते हैं तो आपको अद्भुत शांति प्राप्त होती है जिससे आपका मन बहुत हल्का हो जाता है।
 
  • अपने संकल्प व इच्छा शक्ति को मजबूत करें
जी हां दोस्तों संसार के समस्त कार्य संकल्प व इच्छाशक्ति पर ही संभव होते आए हैं। अपनी संकल्प शक्ति को दृढ़ बनाने का अभ्यास किया जा सकता है। कुछ उपाय जैसे व्रत उपवास आधी रह कर के हम अपनी इच्छा शक्ति व संकल्प शक्ति को कई गुना बढ़ा सकते हैं। मजबूत इच्छाशक्ति का व्यक्ति आसानी से चिंता व अवसाद जैसी समस्याओं मे
 नहीं पड़ता है।
 
  • गरीबों में दान, धर्म व परमार्थ का कार्य करें
चिंता दुख अवसाद से उबरने के लिए यदि आपने ईश्वर को समर्थ बनाया है तो आप गरीबों के लिए दान व परमार्थ के कार्य अवश्य करें। जब किसी व्यक्ति से आप इस प्रकार प्रेम भाव से जुड़ते हैं तो अपना दुख बहुत छोटा लगने लगता है। मानव मन का निर्माण कुछ इस प्रकार से हुआ है कि इसमें एक साथ दो भावनाएं बिल्कुल नहीं रह सकती हैं।
 
  • कोई नया दोस्त बनाएं
दोस्तों जिस प्रकार लोहा लोहे को काटता है उसी प्रकार से आपके मन की दुख वाली इस भावना को दूर करने के लिए एक अन्य साथी की आवश्यकता पड़ेगी। आपका वह साथी आपके दोस्त आपका भाई-बहन माता-पिता या ऐसा ही कोई भी व्यक्ति हो सकता है जो आपको बहुत अधिक समझता हो और आपके विचारों और भावनाओं का सम्मान करता हो। ऐसे व्यक्ति आपको चिंता व अवसाद से बाहर अवश्य ला सकता है।
 
  • मेडिटेशन ध्यान व शारीरिक व्यायाम पर ध्यान दें
जी हां दोस्तों मेडिटेशन हुआ व्यायाम की सहायता से भी हम चिंता अवसाद जैसी समस्याओं से सदा के लिए छुटकारा पा सकते हैं। मेडिटेशन अर्थात ध्यान करने से आपका मन एकाग्र होता है जिसकी वजह से आप सुख की अनुभूति करते हैं। यह सुख और आनंद अलौकिक होता है जिसके आगे संसार के समस्त दुख फीके लगते हैं। यही कारण है कि आजकल लोग चिंता व अवसाद से छुटकारा पाने के लिए ध्यान और योग को एक वैकल्पिक चिकित्सा के रूप में अपना रहे हैं।
 
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  • कुछ नए लक्ष्य बनाएं व उन्हें पूरा करने का संकल्प लें
दोस्तों चिंता अवसाद से दूर रहने के लिए यह जरूरी हो जाता है कि आप अपने आप को अधिक से अधिक सक्रिय रखें और थोड़ा क्रिएटिव बने। इसके लिए आप कुछ नवीन अल्पकालिक और दीर्घकालिक लक्ष्यों का निर्धारण कर सकते हैं और उन्हें पूरा करने का प्रयास कर सकते हैं। इस विधि का प्रयोग करके आप अपने आप को व्यस्त रख पाएंगे और अपने उज्जवल भविष्य का निर्माण कर पाएंगे।
 
  • किसी अच्छे मनोचिकित्सक की सहायता लें
जी हां दोस्तों आप यदि स्वयं अपने प्रयासों से परेशानियों का मुकाबला नहीं कर पा रहे हैं तो आप एक अच्छे मनोचिकित्सक की सहायता ले सकते हैं। मनोचिकित्सक आपकी काउंसलिंग करके एवं आप की मनोदशा को जानकर और समझ कर आपको आपकी समस्या से उबरने में सहायता कर सकते हैं।
 
  • जिस व्यक्ति के कारण आपको दुख प्राप्त हुआ है उसकी यादों से जुड़ी सारी वस्तुओं को मिटा दें
जी हां दोस्तों जिस भी व्यक्ति ने आपको दुख दर्द आदि दिए हैं उससे जुड़ी हुई सारी वस्तुओं को मिटाने से आपको बहुत सहायता मिल सकती हैं। अक्सर ऐसे इंसान की कुछ वस्तुएं जैसे तस्वीर, कपड़े, वीडियो व तोहफे आदि देखकर हमें उस इंसान की यादें हमारे मन मस्तिष्क में ताजा हो उठती हैं आ रहे मैं चिंता व अवसाद से उबरने नहीं देती हैं।
 
 

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