अडूसा (Adusa) Vasa के फायदे। Benefits of Adusha plant in Hindi

adusa ke fayde

दोस्तों आरूषा एक त्रिदोष नाशक औषधि है अर्थात यह वात पित्त कफ को संतुलित करती है। आरूषा को मुख्य रूप से उत्तर भारत के खेत खलिहान में आसानी से देखा जा सकता है। 

आरुषा का परिचय :

आरूषा के फूल फल, पत्ते और जड़ सभी औषधीय गुणों से परिपूर्ण होते हैं। विभिन्न रोगों जैसे- बवासीर, सिर दर्द, जोड़ों का दर्द, आंखों की बीमारी, मूत्र रोग, तपेदिक अर्थात क्षय  रोग आदि को दूर करने में और आरुषा का प्रयोग सदियों से होता आया है।
 
दोस्तों आपको बता दें कि अरूषा के पौधे तीन प्रकार के होते हैं, सफेद आरूषा, लाल आरूषा, और बैगनी आरुषा।
 
आइए जानते हैं आरूषा का प्रयोग कौन-कौन से रोगों को ठीक करने में किया जाता है और इसके प्रयोग की विधि क्या है-
 

आरुषा (Adusa)के लाभ :

  •  आरूषा दूर करे दमा रोग-
जी हां दोस्तों आरूष का प्रयोग दमा रोगियों अर्थात अस्थमा पेशेंट्स के लिए वरदान माना जाता है। यह कफ को गलाकर बाहर निकालता है वह इसके साथ ही साथ फेफड़ों की धमनियों को स्थाई रूप से प्रसारित भी करता है जिससे रोगी को सांस लेने में होने वाली तकलीफ दूर हो जाती है।
 
  • आरूषा करे मुंह के घाव छालों को दूर-
दोस्तों का रूसा एक शीतल और कसाय प्रकृति की औषधि है यही कारण है कि यह मुंह के छालों और घाव को जल्दी ठीक कर देती है।
यदि किसी व्यक्ति को किसी कारण से मुंह के छालों से जूझना पड़ रहा है और वह जल्दी ठीक नहीं हो रहा है तो, उसे आरूषा की दो पत्तियों का रस चूसना चाहिए। साथ ही साथ आरूषा की दातुन का भी प्रयोग करना चाहिए। ऐसा करने से छालों की यह समस्या जल्द दूर हो जाती है।
 
  • आरूषा करें क्षय रोग अर्थात तपेदिक को दूर-
दोस्तों आरूषा इतनी गुणकारी औषधि है जो अपने अंदर 6 लग अर्थात TB (Tuberculosis) को भी ठीक करने की क्षमता रखती है। दोस्तों इस रोग को दूर करने के लिए और उषा के 20 से 30 मिलीलीटर काढ़े में एक छोटी पीपली का 1 ग्राम चूर्ण मिलाकर रोगी को पिलाने से क्षय रोग में लाभ मिलता है।
  • आरूषा करे अतिसार व दस्त का इलाज-
दोस्तों आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर व्यक्ति को कभी ना कभी कहीं ना कहीं फास्ट फूड लेने ही पड़ जाते हैं। ऐसे व्यक्ति पेट के संक्रमण के जल्द शिकार बन जाते हैं और वह अतिसार व दस्त की समस्या से परेशान हो जाते हैं। इस रोग को दूर करने के लिए और उषा की 10 से 20 मिलीलीटर पत्तियों का रस पीने से जल्द आराम मिलता है व दस्त रुक जाती हैं।
 
  • पाइल्स अर्थात बवासीर में आरूषा के फायदे-
जी हां दोस्तों अगर आप भी पाइल्स की समस्या से परेशान हैं और पाइल्स आपका पीछा नहीं छोड़ रही है तो औरों के लिए वरदान साबित होगी। बवासीर को ठीक करने के लिए आरूषा में गजब की क्षमता पाई जाती है।
इस रोग को दूर करने के लिए आरुषि के पत्ते और सफेद चंदन को लेकर बराबर मात्रा में चूर्ण बना लीजिए। अब इस चूर्ण को सुबह शाम 4 ग्राम मात्रा में सेवन करने से बवासीर की यह समस्या जड़ से समाप्त हो जाती है।
दोस्तों यदि मस्सों में अधिक सूजन आ गई है तो आरूषा के पत्तों को उबालकर पानी को थोड़ा सा ठंडा करके मस्सों की सिकाई sitz bath करनी चाहिए। ध्यान रहे पानी न तो अधिक ठंडा हो और ना ही अधिक गर्म केवल गुनगुने पानी से ही ऐसा किया जाना चाहिए। इस प्रयोग को करने से सूजे हुए मस्से से जल्द ठीक हो जाते हैं और उन में जलन खुजली आदि भी नहीं होती है।
 

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