बालासन करने की सही विधि, लाभ और सावधानियां (Balasana-Child’s Pose Benefits in Hindi)

madukasana by aushadhi aur yog

 बालासन का परिचय :

दोस्तों बालासन और नाम तो आप सभी ने तो जरूर सुना होगा। बालासन एक ऐसा आसन है जिसको करने से ना केवल शारीरिक लाभ होता है अपितु मानसिक लाभ भी प्राप्त होता है। इस लेख के माध्यम से आज हम जानेंगे बालासन करने की सही विधि लाभ और सावधानियों के बारे में। 

 
दोस्तों जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है बालासन जिसका यदि विश्लेषण किया जाए तो यह स्पष्ट होता है कि इस आसन में शरीर को बाल मुद्रा में लाना होता है। दोस्तों जिस अवस्था में भ्रूण माता के गर्भ में होता है इस आसन में लगभग वही अवस्था बनाई जाती है। इसीलिए इस आसन को अंग्रेजी भाषा में चाइल्ड पोज भी कहा जाता है।
 

इस आसन का प्रयोग शीर्षासन के बाद जरूर करना चाहिए क्योंकि बालासन करने से तन और मन पूरी तरह से विश्राम की अवस्था को प्राप्त करते हैं। आइए जानते हैं बिंदुवार तरीके से- 

बालासन करने के फायदे :

  • बालासन करने से कब्ज की समस्या दूर हो जाती है
  • बालासन कमर व पीठ दर्द से छुटकारा दिलाता है
  • बालासन करने से हमारा नर्वस-सिस्टम स्वस्थ बनता है
  • बालासन करने से चिंता, तनाव व अवसाद से छुटकारा मिलता है
  • बालासन करने से शरीर लचीला बनता है
  • बालासन करने से निद्रा में सुधार होता है
  • बालासन करने से पेट की मांसपेशियां मजबूत बनती हैं।

बालासन करने की विधि :

  1. बालासन करने के लिए सबसे पहले हमेंजमीन पर या अपनी योगा मैट पर वज्रासन की मुद्रा में बैठ जाना चाहिए।
  2. अब धीरे-धीरे श्वास को अंदर खींचते हुए अपने दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठा ले किंतु आपको हथेलियां जोड़नी नहीं है।
  3. अब धीरे-धीरे श्वास को बाहर छोड़ते हुए आगे की ओर झुके हैं और झुकते समय इस खास बात का ख्याल रखें की आपको अपने कूल्हे के जोड़ों को घुमाना है ना की कमर को।
  4. आगे तब तक झुकना है जब तक कि आप की हथेलियां जमीन पर स्पर्श ना करें।
  5. अब धीरे-धीरे अपने सिर को जमीन पर टीका ले।
  6. यह स्थिति बाल मुद्रा अर्थात चाइल्ड पोज कहलाती है। इस स्थिति में रहते हुए सांसों को अंदर बाहर खींचिए और छोड़िए।
  7. इस स्थिति में लगभग 2 से 3 मिनट रहने के बाद आप पुनः वज्रासन में बैठ जाएं।
  8. इस प्रकार बालासन एक चक्र पूरा होता है इसके चार से पांच चक्र एक बार में किए जा सकते हैं।
  9. वज्रासन में लगभग 10 सेकंड बैठने के बाद आप इस आसन को समाप्त करके खड़े हो सकते हैं।
  10. प्रारंभ में २ से ३ चक्रों से सुरुआत करें, अभ्यास हो जाने पाने आगे चलकर आप चक्रों की संख्या बढ़ा सकते हैं

बालासन करने में सावधानियां –

  • गर्भावस्था में बालासन बिल्कुल ना करें
  • यदि पेट का ऑपरेशन हुआ है तो भी यह आसन बिल्कुल ना करें
  • कमर व पेट की गंभीर बीमारियों में भी यह आसन वर्जित है
  • मांस पेशियों में आवश्यकता से अधिक खिंचाव पड़ने पर यह आसन बिल्कुल न करें।
  • अपनी शारीरिक क्षमता से अधिक बल का प्रयोग बिल्कुल भी ना करें।
  • प्रारंभ में बालासन की समय अवधि को बहुत कम लगभग 10 सेकंड ही रखें।

बालासन प्रश्नोत्तरी (Child’s Pose QnA)

प्रश्न- बालासन कब किया जाना चाहिए?
उत्तर- बालासन सदैव खाली पेट किया जाना चाहिए
प्रश्न- क्या गर्भवती महिलाएं भी बालासन कर सकती हैं?
उत्तर- जी बिल्कुल नहीं, गर्भवती महिलाओं को बाल आसन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए।
प्रश्न- क्या बालासन किसी भी उम्र का व्यक्ति कर सकता है?
उत्तर- जी हां, बालासन 5 वर्ष से लेकर 50 वर्ष तक का व्यक्ति भी कर सकता है।
प्रश्न- क्या बालासन महिलाएं कर सकती हैं?
उत्तर- जी हां, बालासन महिलाएं भी कर सकती हैं
प्रश्न- क्या भोजन करने के बाद बालासन किया जाना चाहिए?
उत्तर- जी नहीं, भोजन करने के बाद बालासन बिल्कुल नहीं करना चाहिए
प्रश्न- क्या बालासन मोटापा घटाता है?
उत्तर- जी हां, कुछ मामलों में यह आसन मोटापा दूर कर सकता है।
प्रश्न- क्या बालासन कब्ज की समस्या से छुटकारा दिलाता है?
उत्तर- जी हां, बिल्कुल बालासन करने से कब्ज की समस्या जल्द समाप्त हो जाती है।

Disclaimer: कोई भी आसन करने से पहले कृपया अपने योग गुरु से अवश्य परामर्श ले लें। सभी आसन अभ्यासी को बताए गए नियम अनुसार ही करना चाहिए। गलत प्रकार से आसन करने पर कुछ मामलों में शरीर को नुकसान भी पहुंच सकता है।

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