सिद्धासन करने की सही विधि लाभ और सावधानियां (health benefits of siddhasana)

सिद्धासन का सम्पूर्ण परिचय

दोस्तों आप में से बहुत से लोगों ने सिद्धासन के बारे में अवश्य ही सुना होगा किंतु इसके विभिन्न स्वास्थ्य लाभ और आध्यात्मिक लाभ बहुत कम लोग जानते होंगे। आज हम इस लेख के माध्यम से आपको बताएंगे सिद्धासन करने का बिल्कुल सही तरीका जिस को प्रयोग कर आप इसका पूर्ण लाभ उठा पाएंगे।

 

दोस्तों जैसा कि नाम से स्पष्ट है कि यह आसन विभिन्न प्रकार की यौगिक सिद्धियां प्राप्त करने के लिए बनाया गया था। सिद्धासन का प्रयोग करके हमारे प्राचीन ऋषि मुनि भूख, प्यास, नींद, कामवासना आदि पर अपना पूर्ण नियंत्रण प्राप्त कर लेते थे। इस अवस्था को प्राप्त कर लेने के बाद ही वह वर्षों वर्षों तक निरंतर तपस्या करते रह पाते थे।
 
लेकिन खास बात यह थी कि वे इस आसन के साथ में योग और ध्यान का भी समावेश करते थे तभी हमारे ऋषि मुनि ऐसे महान लक्ष्य प्राप्त कर पाते थे।
 

आइए दोस्तों जानते हैं सिद्धासन करने के क्या-क्या फायदे हैं-

  1. सिद्धासन शरीर में नवीन ऊर्जा का संचार करता है,
  2. यह आसन मन की एकाग्रता को बढ़ाने में अत्यंत लाभदायक साबित होता है,
  3. इस आसन को करने से कामवासना नियंत्रण में रहती है,
  4. इस आसन को करने से मन प्रसन्न चित्त रहता है,
  5. सिद्धासन करने से शरीर में स्थिरता आती है,
  6. सिद्धासन को करने से हठयोग में सफलता प्राप्त होती है,
  7. सिद्धासन करके कुंडलिनी शक्ति को जागृत किया जा सकता है,
  8. यह आसन प्राणों को ऊर्धव गति प्रदान करने में सहायता करता है।
सिद्धासन करने के लाभ

सिद्धासन करने की विधि-

  • सबसे पहले एक शांत हवादार और स्वच्छ स्थान का चुनाव करें,
  • इसके उपरांत जमीन पर कोई चादर या चटाई बिछाकर बैठ जाएं,
  • आंखें बंद करें और 4 से 5 गहरी सांसे भरे,
  • फिर दिखाए गए चित्र के अनुसार अपने पैरों को व्यवस्थित करें,
  • इसके बाद आंखें बंद करके अपने हाथों से ज्ञान मुद्रा लगाएं और अपने पैरों पर टिकाए,
  • इस अवस्था में आप की रीड की हड्डी बिल्कुल सीधी होनी चाहिए,
  • इस अवस्था को लगभग 10 से 15 मिनट अवश्य बनाए रखें,
  • प्रारंभ में सिद्धासन लगाने में थोड़ा कष्ट हो सकता है इसलिए धीरे-धीरे ही प्रयास करें।

सावधानियां

  1. जो व्यक्ति शारीरिक रूप से मोटे हैं वे सिद्धासन को सावधानीपूर्वक करें,
  2. सिद्धासन सदैव खाली पेट किया जाना चाहिए,
  3. जिन व्यक्तियों को घुटनों में या जोड़ों में कोई परेशानी हो तो उन्हें सिद्धासन नहीं करना चाहिए,
  4. रीढ़ की हड्डी के रोगियों को भी यह आसन करने से बचना चाहिए,
  5. बवासीर के मरीजों को सिद्धासन करने के लिए तकिया जरूर प्रयोग करना चाहिए।

सिद्धासन प्रश्नोत्तरी-

प्रश्न- क्या सिद्धासन हर कोई कर सकता है?
उत्तर- जी हां, सिद्धासन बच्चे, बूढ़े, जवान सभी कर सकते हैं
प्रश्न- क्या सिद्धासन दिन में कई बार किया जा सकता है?
उत्तर- जी नहीं,सिद्धासन खाली पेट केवल सुबह और शाम किया जाना चाहिए
प्रश्न- क्या सिद्धासन करने से पहले पानी पी सकते हैं?
उत्तर- जी हां, सिद्धासन करने से पहले आप थोड़ा पानी अवश्य पी सकते हैं
प्रश्न- क्या सिद्धासन बेड पर कर सकते हैं?
उत्तर- बिल्कुल नहीं, सिद्धासन सदैव भूमि पर किया जाना चाहिए
प्रश्न- क्या सिद्धासन गर्भवती महिलाएं कर सकती हैं?
उत्तर- गर्भवती महिलाएं सिद्धासन करने से पहले कृपया अपने डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।
 
Disclaimer:
कोई भी आसन करने से पहले कृपया अपने योग गुरु से अवश्य परामर्श ले लें। सभी आसन अभ्यासी को बताए गए नियम अनुसार ही करना चाहिए। गलत प्रकार से आसन करने पर कुछ मामलों में शरीर को नुकसान भी पहुंच सकता है।

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