अमलतास के अद्भुत स्वास्थ्य फायदे (Miraculous Health Benefits of Amaltas in Hindi)

amaltas ke fayde aur nuksan

अमलतास का परिचय (what is amaltas in hindi ?)

अमलतास को संस्कृत भाषा में राज वृक्ष, अंग्रेजी में गोल्डन शावर, cassia, Indian laburnum, और बंगाली में सोनाली कहा जाता है।
 
अमलतास भारत में बहुतायत से पाया जाने वाला एक वृक्ष है जो मध्यम आकार का होता है। इस वृक्ष में सुनहरे गुच्छे नुमा पीले रंग के फूल खिलते हैं जो देखने में अति मनभावन लगते हैं। ऐसा माना जाता है की अमलतास के फूलों के खिलने के लगभग 40 दिन बाद वर्षा शुरू होती है, शायद यही कारण है कि भारत में इसे गोल्डन शावर ट्री और इंडियन रेन इंडिकेटर ट्री भी कहा जाता है।

अमलतास के औषधीय गुण (medicinal properties of amaltas)

आयुर्वेद में अमलतास का अत्यधिक वर्णन किया गया है। अमलतास के फूल पत्तों जड़ और फलियों के गुण अलग-अलग प्रकार के होते हैं जो विभिन्न रोगों का उपचार करने के लिए प्रयोग में लाए जाते हैं।जहां एक और अमलतास के पत्ते कफ को दूर करते हैं व मन को शांत करते हैं, वहीं दूसरी ओर अमलतास के फूल कफ और पित्त दोनों को नष्ट करते हैं। बात अगर अमलतास की फलियों की करी जाए तो अमलतास की  फलियां त्रिदोष नाशक हैं। अमलतास की फलियों का प्रयोग दुर्बल स्त्री-पुरुष भी कर सकते हैं क्योंकि इसकी फलियां अमाशय के ऊपर कोई दुष्प्रभाव नहीं डालती हैं। आइये दोस्तों अब जानते हैं अमलतास कौन-कौन सी बीमारियों को दूर करता है-
 

#अमलतास मुंह के छालों को दूर करें (amaltas benefits in mouth ulcers in Hindi)

जी हां दोस्तों अमलतास का प्रयोग मुंह के छालों को ठीक करने के लिए वर्षों से होता आया है। इस नुस्खे में अमलतास की फलियों का प्रयोग किया जाता है। अमलतास की एक फली लेकर उसका गूदा अर्थात पल्प निकाल लीजिए। फिर उसे थोड़ी थोड़ी देर तक चूसते रहने से मुंह के छाले जल्द ठीक हो जाते हैं।
 
benefits of amaltas in mouth ulcers in hindi

#अमलतास शरीर की जलन को दूर करे ( benefits of amaltas in body heating)

जी हां दोस्तों अमलतास एक शीतल प्रकृति की औषधि है, इसलिए इसका प्रयोग शरीर की जलन आदि को कम करने में भी किया जाता है।
इस नुस्खे में अमलतास के 10 से 15 ग्राम जड़ या जड़ की छाल को दूध में उबाल लेना चाहिए। फिर इसे पीसकर स्केल ऐप को शरीर पर लगाने से शरीर की जलन जल्द ठीक हो जाती है।
 

#अमलतास करे कंठ रोगों को दूर (benefits of amaltas in throat disorders in hindi)

जी हां दोस्तों अमलतास का प्रयोग कंठ रोगों को दूर करने के लिए भी किया जाता है। इस नुस्खे में अमलतास की जड़ को चावल के पानी के साथ पीस लिया जाता है, फिर इसे रोगी के कंठ पर लेप किया जाता है। इस प्रयोग को कुछ दिन करने के बाद यह रोग दूर हो जाता है।
 

#अमलतास से टांसिल का इलाज (benefits of amaltas in an enlarged tonsil in hindi)

जी हां दोस्तों अमलतास का प्रयोग करके टांसिल का भी इलाज किया जाता है। अक्सर यह देखा गया है कि कफ के कारण कई लोगों का टांसिल थोड़ा बढ़ जाता है। जिसकी वजह से उन्हें खाने-पीने या कुछ भी निगलने में दर्द महसूस होता है। इस रोग को दूर करने के लिए अमलतास की फली यों को थोड़े पानी में पका लेना चाहिए और ठंडा करके इस पानी को घूंट-घूंट पीने से बढ़े हुए टांसिल की समस्या समाप्त हो जाती है।
 

#अमलतास से दमा व श्वास नली के विकारों का उपचार (benefits of amaltas in in asthma And respiratory system in Hindi)

जी हां दोस्तों अमलतास दमा जैसे गंभीर रोगों का इलाज करने की क्षमता रखता है। दमा रोग और श्वास नली के रोगों में अमलतास की फलियों का गूदा प्रयोग किया जाता है। इस नुस्खे में अमलतास की फली यों के गूदे का काढ़ा बनाकर रोगी को पिलाया जाता है। ऐसा करने से स्वास संबंधी समस्त रोग दूर हो जाते हैं।
 

#अमलतास के अन्य उपयोग(some other uses of amaltas in hindi)

  • अमलतास का प्रयोग बुखार ठीक करने के लिए किया जाता है,
  • अमलतास का प्रयोग घाव भरने के लिए किया जाता है,
  • अमलतास का प्रयोग आत्र रोगों को ठीक करने में किया जाता है,
  • अमलतास का प्रयोग पाचन संबंधी समस्या के निदान के लिए भी किया जाता है,
  • अमलतास का प्रयोग बवासीर को दूर करने में भी किया जाता है,
  • अमलतास का प्रयोग पीलिया अर्थात ज्वाइंडस को दूर करने में किया जाता है,
  • अमलतास का प्रयोग गठिया आदि रोगों को दूर करने में भी किया जाता है।

 

 

निष्कर्ष:

तो दोस्तों हमने जाना अमलतास मुख्यता किन रोगों को दूर करने में प्रयोग किया जाता है। दोस्तों अमलतास एक सामान्य वृक्ष ही नहीं बल्कि अमृत स्वरूप मनुष्य को प्रकृति का दिया हुआ वरदान है। इसलिए प्रयास यह करें कि इसका अधिक से अधिक संरक्षण किया जाए।
 

 

 
 

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