धतूरे के अनसुने व हैरतअंगेज फायदे (dhatura ke fayde in hindi)

dhatura khane se kya hota hai

धतूरे का परिचय :

दोस्तों भारतीय जड़ी बूटियों के परिचय के संदर्भ में आज हम जानेंगे एक सर्व सुलभ जन साधारण औषधि धतूरा के बारे में।
दोस्तों धतूरा एक पौधा है जिसकी लंबाई लगभग 1 मीटर तक देखने को मिलती है। धतूरा दो प्रकार का होता है एक सफेद फूल वाला वह एक हल्के गुलाबी फूल वाला। दोस्तों धतूरे को आयुर्वेद में विष वर्ग में रखा गया है, ऐसा इसलिए क्योंकि धतूरे के बीजों में जहरीले व नशीले तत्व पाए जाते हैं।

धतूरा किन किन रोगों में लाभ पहुंचाता है ?

दोस्तों आयुर्वेद के अनुसार धतूरा जहरीला होने के बावजूद विभिन्न प्रकार के रोगों को ठीक करने के काम आता है। धतूरे का मुख्य रूप से उपयोग दमा रोग, गठिया रोग, कान दर्द, हड्डियों का दर्द, फोड़ा फुंसी को ठीक करने के लिए, बवासीर की सूजन को दूर करने के लिए व मिर्गी के दौरे को शांत करने आदि के लिए किया जाता है। आइए जानते हैं सब कुछ विस्तार पूर्वक-
  • दमा रोग में धतूरे के लाभ :

दोस्तों धतूरे का प्रयोग दमा अर्थात अस्थमा की बीमारी को दूर करने के लिए किया जाता है। इसके लिए सूखे धतूरे के पत्तों को आग पर सुलगा कर रोगी को धुआं सुनने को कहा जाता है।

  • कान दर्द में धतूरे के फायदे

दोस्तों कान दर्द में धतूरे के चमत्कारी लाभ देखने को मिले हैं। इसके लिए धतूरे के पत्तों का रस प्रयोग में लिया जाता है। कान में किसी तरह की परेशानी जैसे फोड़ा फुंसी, मवाद या दर्द में तो पूरा लाभ पहुंचाता है। धतूरे के पत्तों के रस की कुछ बूंदें कान में टकराने से कान की उपरोक्त समस्त बीमारियां ठीक होने लगती है।

  • फोड़े फुंसी को ठीक करें :

जी हां दोस्तों धतूरा हर प्रकार के फोड़े फुंसी के लिए काल माना जाता है। फोड़े को ठीक करने के लिए धतूरे के पत्ते को आग पर सेंक कर फोड़े पर कस कर बांध देना चाहिए। ऐसा करने से मात्र 3 से 4 घंटे में फोड़ा फूट कर बह जाता है और घाव जल्दी ठीक हो जाता है।

  • मिर्गी के दौरे में धतूरे के लाभ :

जी हां दोस्तों धतूरे का प्रयोग मिर्गी के दौरे को शांत करने के लिए भी किया जा सकता है। इसके लिए धनु रे की जड़ प्रयोग में ली जाती है। जिस व्यक्ति को मिर्गी का दौरा पड़ा हो उस व्यक्ति को धतूरे की साफ व ताजी जड़ सुखाने से मिर्गी का दौरा शांत हो जाता है।

  • बवासीर की सूजन को मिटाए :

जी हां दोस्तों जो लोग बवासीर की परेशानी से जूझ रहे हैं वह उन्होंने गलती से लाल मिर्च का सेवन कर लिया हो, तो उनके बवासीर के मस्सों में सूजन आ जाती है।इस सूजन को दूर करने के लिए धतूरे के पत्तों को आग पर सेंक कर बवासीर के मस्सों पर कसकर बांधना चाहिए। इसके लिए लंगोट का प्रयोग करें तो ज्यादा उत्तम परिणाम प्राप्त होंगे। ऐसा करने से बवासीर में बहुत लाभ मिलता है व बवासीर की सूजन दूर हो जाती है।

  • धतूरे के गठिया रोग में लाभ :

जी हां दोस्तों धतूरा गठिया रोगों को दूर करने के लिए भी एक रामबाण औषधि माना जाता है। गठिया रोग को दूर करने के लिए आप धतूरे के 8 से 10 पत्तों का अर्क निकाल कर उसे आग पर 250 मिलीलीटर पानी के साथ पका लें। जब पानी आधा कप रह जाए तो इसे ठंडा करके वांछित स्थान पर मालिश करें। इस प्रयोग को करने से रोगी को अतिशीघ्र लाभ मिलने लगता है।

                        
 
नोट : गठिया रोगों को दूर करने केेेे लिए आप धतूरा रोगन तेल भी बाजार से खरीद सकते हैं।
 
Disclaimer: इस लेख में दी गयी समस्त जानकारी केवल सूचना के उद्देश्य से है , हम किसी भी तथ्य के पूर्णतः सत्य या मिथ्या होने का दावा नहीं करते दी गयी जानकारी का स्त्रोत विभिन्न पुस्तकेंस्वास्थ्य-सलाहकार व कुछ व्यक्तियों के अनुभव हैं, दर्शक कृपया स्व-विवेक से काम लें , किसी भी नुकसान के लिए हमारी कोई जिम्मेवारी नहीं होगी, धन्यवाद

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